Jethani ko vash me karne ka upay +919950420009  #jethanivashikaran #vashikaranguru #jethani #jeth #devar #devrani

देवरानी-जेठानी में गृह कलह को दूर करने के उपाय

1. गाय के गोबर का दीपक बनाकर तेल रुई सहित उसे जलाऐं एवं मुख्य दरवाजे में रख कर उसमें थोड़ा गुड़ डालें।
2. ओम् नमः शिवशक्तिस्वरूपाय मम गृहे शांति कुरु-कुरु स्वाहा इस मन्त का जप 41 दिन तक नित्य 11 माला (रुद्राक्षमाला से) करें।
3. शिवलिंग में दूध एवं गंगाजल चढ़ाऐं और फिर बिल्व पत्र और पुष्प घर के सभी लोग चढ़ाऐं।
4. घर को सुन्दर, सजावट युक्त रखें एवं घर के चारों कोनो में शंख ध्वनि करें।
5. गीता का पाठ करें।
6. शिव जी का पूजन अपने पूरे परिवार सहित करें।

मोहित करने का मंत्र जिसके द्वारा आप प्रेमिका, प्रेमी, पति या पत्नी का वशीकरण या किसी भी इक्षित स्त्री या पुरुष जिससे आपकी सच्ची भावनाएं जुडी हैं उसका वशीकरण कर सकते हैं

||| काला कलुआ काली रात काWला भेजू आधी रात |
जब वो आवे आधी रात तब मन मुझ लागे सारी रात |||

कालिया वीर अमुकी को , बैठी को उठा लावे , सोती को जगा लावे |

खड़ी को दौड़ा लावे , हाल लावो , फिलहाल लावो |

ना लावो तो सगी बहन भांजी के सिर पग धारो |

||| ॐ नमो आदेश गुरु को सिद्ध माता स्तंभिनी मोहिनी वाशिकरनी |
अमुकं मोहिनी मम वश्य करि करिकार्य पूर्ति कुरु कुरु स्वाहा |

||| ॐ नमो उर्वशी तोहे मंत्र पढ़ी सुनाऊ , तोही या कलेजा लावे , तोही जीवता चाहे , जो वस्त्र ना होय तो हनुमंत की आन ( अमुक ) को वश्य करे , दौड़ कर हिये लागे | मेरा कहा करे , शब्द साँचा पिंड कांचा , फुरो मंत्र इश्वरो बाचा |
||| ॐ नमो बैतालाय आदि पुरुषाय ( अमुकं ) वश्यं कुरु कुरु स्वाहा |||
||| ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः |||
||| ॐ हां ग जूँ सः( अमुकं ) में वश्य वश्य स्वाहा |||

https://www.youtube.com/watch?v=u0jOrz7-WmU&t

गृह कलह/क्लेश निवारण हेतु

पति-पत्नी के मध्य गृह कलह दूर करने हेतु उपाय——-

1. यदि पति-पत्नी के माध्य वाक् युद्ध होता रहता है तो दोनों पति-पत्नी को बुधवार के दिन दो घण्टे का मौन व्रत धारण करें।
2. पति को चाहिए की शुक्रवार को अपनी पत्नी को सुन्दर सुगन्ध युक्त पुष्प एवं इत्र भेंट करें एवं चाँदी की कटोरी चम्मच से दही शक्कर पत्नी को खिलाऐं।
3. पति को चाहिए की पत्नी की माँग में सिन्दूर भरें एवं पत्नी पति के मस्तक पर पीला तिलक लगाऐं।
4. स्त्री को चाहिए की अपने शयन कक्ष में 100 ग्राम सौंफ प्रातःकाल स्नान के बाद लाल कपडे में बांधकर रखें।
5. पति-पत्नी दोनों को फिरोज रत्न चाँदी में अनामिका आगुँली में धारण करें।
6. प्रतिदिन पति-पत्नी लक्ष्मी-नारायण या गौरी-शंकर के मन्दिर में जाऐं, सुगन्धित पुष्प चढ़ाऐं और दाम्पत्य सुख हेतु प्रार्थना करें।
7. पति-पत्नी सोमवार को दो-मुखी रुद्राक्ष धारण करें।