जानिए क्या करे Shardiya Navratri 2019 के दिन, अश्वनी मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक यह व्रत किए जाते हैं। भगवती के 9 प्रमुख रूप (अवतार) है तथा प्रत्येक बार 9-9 दिन ही ये विशिष्ट पूजाएं की जाती है। इस अवधि को नवरात्र कहा जाता है। वर्ष में दो भगवती भवानी की विशेष पूजा की जाती है। इनमें एक नवरात्र तो चैत्र शुल्क प्रतिपदा से नवमी तक होते हैं और दूसरे श्राद्ध पक्ष के दूसरे दिन अश्वनी शुल्क प्रतिपदा से अश्वनी शुल्क नवमी तक। अश्वनी मास के नवरात्रों को ‘शारदीय नवरात्रा’ कहा जाता है क्योंकि इस समय शरद ऋतु होती है। Radhe Radhe Shyam Govind Radhe Jai Shri Radhe

शारदीय नवरात्र ( अश्वनी शुल्क प्रतिपदा से अश्वनी शुल्क नवमी तक )

इस व्रत में 9 दिन तक भगवती दुर्गा की पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ तथा एक समय भोजन का व्रत धारण किया जाता है। प्रतिपदा के दिन प्रात: स्नानादि करके संकल्प करें तथा स्वयं या पंडित के द्वारा मिट्टी की वेदी बनाकर जोः बोने चाहिए। वही पर घट स्थापना करें। फिर घट के ऊपर कुल देवी की प्रतिमा स्थापित कर उसका पूजन करें तथा “दुर्गा सप्तशती” का पाठ कराएं। पाठ पूजन के समय अखंड दीप जलता रहना चाहिए। वैष्णव लोग राम की मूर्ति स्थापित कर रामायण का पाठ करते हैं।

शारदीय नवरात्र पर क्या करना चाहिए।

दुर्गा अष्टमी तथा नवमी को भगवती दुर्गा देवी की पूर्ण आहुति दी जाती है। नौवेध, चना, हलवा, खीर आदि से भोग लगाकर कन्या और छोटे बच्चों को भोजन कराना चाहिए। नवरात्र ही शक्ति पूजा का समय हैं इसलिए नवरात्र में शक्तियों की पूजा करनी चाहिए।

शारदीय नवरात्र पर धन की प्राप्ति करने का उपाय

पहले नवरात्रे एक तांबे का कड़ा बनवाकर उसको माता की मूर्ति के सामने रखें उसकी रोजाना पूजन करें। और अष्टमी की कढ़ाई के बाद उस कड़े को धारण करें आपकी धन की समस्या का समाधान हो जायगा।