गृह क्लेश और अशांति दूर करने के उपाय

मित्रो जैसे आप सब जानते हे आज कर कई लोगो के घर में नित्य कोइ न कोई क्लेश होते ही रहते हे और आये दिन पति पत्नी में जगडे होते रहते हे – चाहे परिवार कितना ही साधन संम्पन हो पर व्यर्थ हे जब अशांति हो और कई बार ऐसी अशांति से बच्चो पर भी बुरा प्रभाव पड़ता हे ऐसे में क्या करे ? मित्री चिंता का कोई भी कारन नहीं हे में आपके लिए एक अदभुत मन्त्र और तंत्र पेश कर रहा हु किसका पति या पत्नी कोई भी प्रयोग कर शकता हे और अपने जीवन में लाभ उठा शकता हे – मित्रो ये अनुभव सिद्ध हे अवश्य आप भी अनुभव करे – मित्रो यहाँ एक और भी पर्याय हे जो लोग गृह क्लेश से परेशां हे और यह मंत्र नहीं कर शकते उनके लिए यही मंत्र के ४२००० जप कर के ” गृह क्लेश निवारण यन्त्र ” भी तैयार किया गया हे जो आप पहोचाया जा शकता हे प्रसदि मूल्य रु. १२५१/- … कृपया प्रथम मेरा यही अभिप्राय हे की हो शके तो यह मंत्र खुद नित्य एक माला करे और लाभ उठाये देखे फिर चमत्कार – कभी क्लेश होगा ही नहीं …

मंत्र : ” धाम धिम धूम धुर्जटे 😐 पत्नी वां वीं वुम वागधिश्वरी ||
क्राम क्रीम कृम कालिका देवि | शाम शिम शुम शुभम कुरु ||

सुबह स्नान करने के पश्यात श्री दुर्गा जी की तस्वीर के सामने धुप दीप जला कर लाल पुष्प अर्पण करे बाद में उपरोक्त मन्त्र की नित्य एक माला अवश्य करे – अवश्य ही सुख शांति की प्राप्ति होगी

गृह क्लेश और अशांति दूर करने के उपाय

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Ruthi hui stri ko Mnane Ka Tarika रूठी हुई स्त्री को मनाने का तरीका

                                       रूठी हुई स्त्री को मनाने का तरीका  :-

“मोहिनी माता, भूत पिता, भूत सिर वेताल। उड़ ऐं काली ‘नागिन’ को जा लाग। ऐसी जा के लाग कि ‘नागिन’ को लग जावै हमारी मुहब्बत की आग। न खड़े सुख, न लेटे सुख, न सोते सुख। सिन्दूर चढ़ाऊँ मंगलवार, कभी न छोड़े हमारा ख्याल। जब तक न देखे हमारा मुख, काया तड़प तड़प मर जाए। चलो मन्त्र, फुरो वाचा। दिखाओ रे शब्द, अपने गुरु के इल्म का तमाशा।”

विधि- मन्त्र में ‘नागिन’ शब्द के स्थान पर स्त्री का नाम जोड़े। शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से 8 दिन पहले साधना प्रारम्भ करे। एक शान्त एकान्त कमरे में रात्रि मे १० बजे शुद्ध वस्त्र धारण कर कम्बल के आसन पर बैठे। अपने पास जल भरा एक पात्र रखे तथा ‘दीपक’ व धूपबत्ती आदि से कमरे को सुवासित कर मन्त्र का जप करे। ‘जप के समय अपना मुँह स्त्री के रहने की स्थान / दिशा की ओर रखे। एकाग्र होकर घड़ी देखकर ठीक दो घण्टे तक जप करे। जिस समय मन्त्र का जप करे, उस समय स्त्री का स्मरण करता रहे। स्त्री का चित्र हो, तो कार्य अधिक सुगमता से होगा। साथ ही, मन्त्र को कण्ठस्थ कर जपने से ध्यान केन्द्रित होगा। इस प्रयोग में मन्त्र जप की गिनती आवश्यक नहीं है। उत्साह-पूर्वक पूर्ण संकल्प के साथ जप करे, सफलता जल्दी ही आपके कदम चूमेगी और कितनी भी कठोर ;दिल क्यों ना हो आपकी और खींची चली आएगी
यदि आप यह करने में असमर्थ हो या जल्दी समाधान चाहते तो हमसे संपर्क करे !

Ruthi hui stri ko Mnane Ka Tarika रूठी हुई स्त्री को मनाने का तरीका