वशीकरण के अचूक टोटके Vashikaran ke Achuk Totke

सफेद गुंजा की जड़ को घिस कर माथे पर तिलक लगाने से सभी लोग वशीभूत हो जाते हैं।
यदि सूर्य ग्रहण के समय सहदेवी की जड़ और सफेद चंदन को घिस कर व्यक्ति तिलक करे तो देखने वाली स्त्री वशीभूत हो जाएगी।
राई और प्रियंगु को ‘ह्रीं’ मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करके किसी स्त्री के ऊपर डाल दें तो वह वश में हो जाएगी।
शनिवार के दिन सुंदर आकृति वाली एक पुतली बनाकर उसके पेट पर इच्छित स्त्री का नाम लिखकर उसी को दिखाएं जिसका नाम लिखा है। फिर उस पुतली को छाती से लगाकर रखें। इससे स्त्री वशीभूत हो जाएगी।
बिजौरे की जड़ और धतूरे के बीज को प्याज के साथ पीसकर जिसे सुंघाया जाए वह वशीभूत हो जाएगा।
नागकेसर को खरल में कूट छान कर शुद्ध घी में मिलाकर यह लेप माथे पर लगाने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।
नागकेसर, चमेली के फूल, कूट, तगर, कुंकुंम और देशी घी का मिश्रण बनाकर किसी प्याली में रख दें। लगातार कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका तिलक लगाते रहने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।

Saas Ko Vash Me Karne Ke Liye Totka, Upay

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स्त्री को वश में करने के टोने- टोटके Stri Ko Vash Me Karny K Totke

स्त्री को वश में करने के टोने- टोटके  ,” कई बार ऐसा होता है कि आप किसी स्त्री की और आकर्शित हो जाते है| और उसे चाहते है पर ऐसा जरुरी नहीं होता की अगर आप किसी भी व्यक्ति को चाहे तो बदले में वो भी आपको चाहे, पर आप उसके बिना रह भी नहीं पाते है और किसी भी हालत में उसे पाना चाहते है, जो की अगर आप सामान्य रूप से ये सब सच होते देखना चाहते है तो बहुत मुश्किल है और बाकि आपकी किस्मत है पर टोने- टोटके ऐसी शक्ति होती है जिसके प्रयोग से आप जो चाहे पा सकते है तो आइये जानते है कुछ टोन-टोटके जो आपकी मदद कर सकते है:- 1. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर लाएं व धूप देकर उसे अपनी दांयी भुजा में बांध लें तो प्रत्येक व्यक्ति वशीभूत होगा। 2.काकजंघा, तगर, केसर इन सबको पीसकर स्त्री के मस्तक पर तथा पैर के नीचे डालने पर वह वशीभूत होती है। 3.टी इलायची, लाल चंदन, सिंदूर, कंगनी , काकड़सिंगी आदि सारी सामग्री को इक्ट्ठा कर धूप बना दें व जिस किसी स्त्री के सामने धूप देगें वह वशीभूत होगी।

Stri Ko Vash Me Karny K Totke

Aurat ko vash me karne ka tarika – Vashikaran ke sahayata se aap apne manpasand aurat ko apne vash me kr sakte hai agar aap kisi auart se pyaar karte hai aur app use batane me ya ejahar karne me darte ya sarmate hai to vashikaran mantra es me aap ka pura sahayata karega vashikaran se app us aurat ke dil me apna jagah bna lege aur aap uske sath pura jeevan khushi ke sath ji sakte hai, vashikaran mantra ke madhyam se app apne purani premika ko bhi pa sakte hai jo aap se dur chali gyi hai ya aap se naraj ho gyi hai vashikaran ek aisa subidha hai jo har ek ke jeevan ko parivartan kr sakta hai.

स्त्री को वश में करने के टोने- टोटके

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स्त्री वशीकरण मंत्र Stri Vashikaran mantra

Stri Vashikaran mantra: “Allah bich hatheli ke muhmammad bich kapar,Uska maan mohini jagat mohe sansar | Moh kare jo moh mar use bhaye pot war dar | Jo na jane mohamad pagmber ki aan | Us par muhmmad mera rasulilah.”

Vidhi: Vidhi:Purush jis ladki ya stri ko mohit karna chahta hai us stri ke pairo ke niche ki mitti uthakr use 7 bar padh kr jis stri ke sir pair dal de whi mohit hokr vash me ho jayegi.is mantra ko 501 bar jaap krna hai or mitti ko hath me rkhna hai jaap krne ke bad mitti ko usi jagha me dal dena jha se uthayi thi.

स्त्री वशीकरण मंत्र Stri Vashikaran mantra

women vashikaran and Solution

Chanting the following mantra 108 times in the auspicious time, invite a supari worshiped.
Then the woman who feeds this betel nut will be in your control. Speak the name of the desired woman in place of ‘amuk’
The mantra is as follows:

ॐ क्तीं स: ‘ अमुक ‘ वश कुरू कुरू स्वाहा।

By the use of this mantra, any vested person can also free the woman and can also be done in the vicinity.
Before using the experiment, cleanse the bath in half
The beeted must be pure and the one who is used in the pooja should be immortalized only then this mantra can be used successfully.
Millions of people have tried this mantra and have benefited from it. You can also take advantage of this mantra
Paryer material
A whole almond
A Rudraksha rosary for Jap
A leaf
For the successful use of the mantra, you can contact us at our given numbers.

Stri Vashikaran mantra

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काला जादू हटाने के उपाय-भूत-प्रेत निवारक ज्योतिषीय सामग्री

मनुष्य जब भूत-प्रेत अथवा नजर, हाय या किसी दुष्ट आत्मा के जाल में फंस जाता है तब उसकी समस्या का समाधान करना दुष्कर कार्य होता है। ऐसे में बाधित व्यक्तियों को ज्योतिषीय सामग्रियों के धारण या पूजन से अवश्य लाभ मिलता है। नजर सुरक्षा लाॅकेट स्वास्थ्यवर्द्धक और जीवन की बाधाओं को हटाने वाला लाॅकेट है। बुरी नजर से बचाव करता है। तंत्र-मंत्र-जादू, टोने के दुष्प्रभाव को काटता है व शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या की अवधि में, विशेष रूप से शुभ रहता है। नजर दोष निवारक लाॅकेट पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से धारण करने पर धारक की सभी पराबाधाओं का निवारण होता है। इसके चमत्कारिक प्रभाव से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार धारक को आशा और उन्नति की ओर लेकर जाता है।

बाधामुक्ति कवच

बाधामुक्ति कवच पांचमुखी, तेरहमुखी तथा गणेश रुद्राक्ष के संयुक्त मेल से बनाया गया है। तेरह मुखी रुद्राक्ष विश्वेश्वर का प्रतीक होने के कारण सभी बाधाओं को नष्ट करता है। पांचमुखी रुद्राक्ष, महारुद्र स्वरूप है और पाप, ताप आदि अशुभ बाधाओं से रक्षा करता है। गणेश रुद्राक्ष विघ्नेश्वर का स्वरूप होने के कारण जीवन में आने वाली सभी विघ्न-बाधाओं को दूर करता है। इस बाधामुक्ति कवच को धारण करने से धारणकर्ता के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं का निराकरण होता है।

काले घोड़े की नाल घर में मुख्य दरवाजे पर काले घोड़े की नाल लगाने से नजर दोष दूर होता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि की ढैय्या, शनि की साढ़ेसाती, शनि की दशा चल रही हो, उन व्यक्तियों के लिए शनि उपाय करना विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। घोड़े की नाल शीघ्र सफलता प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध है। मोटर वाहन में सामने लगाकर प्रतिष्ठित किया जाये, तो दुर्घटना की आशंका कम होती है। काले घोड़े की नाल की अंगूठी काले घोड़े की नाल की अंगूठी नीच कर्मों से दूर रखती है तथा भूत-प्रेत, टोना, टोटका, नजर दोष आदि से बचाती है। एवं परिवार में कलह-पीड़ा नहीं होती। यह नौकरी पेशावालों के लिए भी उपयोगी है। ज्योतिष के अनुसार शनि जीवन में कई बार ढैय्या, साढ़ेसाती, महादशा व अंतर्दशा के रूप में प्रभावी होते हैं। इस स्थिति में काले घोड़े की नाल अंगूठी में धारण करना शनि दोषों का निवारण करता है।

काले हकीक की माला घर से दरिद्रता दूर करने के लिए काले हकीक की माला को पूजा घर में स्थित माता लक्ष्मी के चित्र पर चढ़ा दें। ऐसा करने से साधक की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो जाएगा। काले हकीक की माला पर हनुमान मंत्र का जप करने से शत्रु बाधा और प्रेत बाधा का निवारण होता है। जन्म पत्रिका में शनि अकारक होने पर तथा शनि से संबंधित वस्तुओं के व्यापारियों को शनि उपासना नियमित रूप से करनी चाहिए। काले हकीक की माला पर शनि के मंत्र का जप करना अत्यंत लाभकारी रहता है।

बगलामुखी यंत्र

बगलामुखी यंत्र द्वारा शत्रुओं पर विजय व वांछित सफलता प्राप्त हो सकती है। बगलामुखी यंत्र बुरी शक्तियों से बचाव के लिए अचूक यंत्र है। बगलामुखी यंत्र अकाल मृत्यु, दंगा फसाद, आपरेशन आदि से बचाव करता है। इसे गले में पहनने के साथ-साथ पूजा घर में रख सकते हैं। अपनी सफलता के लिए कोई भी व्यक्ति इस यंत्र का उपयोग कर सकता है। भैरव यंत्र के सहयोग से आप भैरव जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। भैरव यंत्र भूत-प्रेत, काले जादू के प्रभाव को दूर करने में सहयोग करता है, तंत्र-मंत्र की नकारात्मक शक्तियों से व्यक्ति को बचा कर रखता है तथा सकारात्मक शक्तियों की शुभता बनाए रखता है। श्री भैरव यंत्र स्वास्थ्य सुख देने वाला यंत्र है। इस यंत्र से आप अपने ऋण, रोग पर विजय प्राप्त करने में सफल हो सकते है। व्यावसायिक समस्याओं का निवारण करने में भी भैरव यंत्र लाभकारी सिद्ध होता है। श्री भैरव यंत्र के सभी शुभ फल प्राप्त करने के लिए इस यंत्र की नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए।

संपूर्ण बाधामुक्ति

यंत्र शत्रुओं पर विजय, मुकद्दमे में जीत, रुके कार्यों में सफलता और बुरी नजर से बचाव के लिए संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र बहुत प्रभावशाली है। इससे जातक का चोट, दुर्घटना, दुर्भाग्य आदि से बचाव होता है। जातक का प्रभामंडल उज्जवल होता है। संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र में महामृत्युंजय यंत्र, बगलामुखी यंत्र, नवग्रह यंत्र, वशीकरण यंत्र, वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र, शनि यंत्र, राहु और केतु यंत्र, वास्तु दोष निवारण यंत्र, गणपति यंत्र और कालसर्प यंत्र सम्मिलित हैं।

गीता यंत्र संपूर्ण जगत में श्रीमदभगवत गीता का पाठ अति लाभप्रद है। गीता पाठ करने वालों को यह यंत्र अवश्य ही अपने पास रखना चाहिए। यंत्र के सम्मुख गीता पाठ करने से सहस्त्रोगुण से अधिक फल मिलता है। पाठ करने में असमर्थता होने पर यंत्र के सम्मुख शुद्ध मन से तुलसी या पंचमुखी रूद्राक्ष की माला पर जप करना विशेष लाभ देता है। गीता यंत्र पर प्रतिदिन ग्यारह की संख्या में बिल्वपत्र अर्पण करने से लक्ष्मी जी संतुष्ट होकर लाभवृद्धि करती हैं। घर में शांति का वातावरण बना रहता है। गीता यंत्र की उपासना से भूत-प्रेत एवं पितृ दोष की शांति होती है तथा गीता यंत्र की उपासना से विद्या प्राप्ति होती है।

काला जादू हटाने के उपाय

श्री हनुमान जी कृपा यंत्र जो व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना चाहता है। उसे प्रतिदिन इस यंत्र का पूजन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त जिन व्यक्तियों की कुंडली में मांगलिक योग हो, उन व्यक्तियों के लिए इस यंत्र का पूजन करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है। श्री हनुमान कृपा यंत्र के नियमित पूजन से सभी प्रकार की ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। ऊपरी बाधा, नजर, टोना-टोटका, भूत-प्रेत आदि की शांति एवं इनसे होने वाले कष्टों से बचने के लिए लोबान, गंधक, राई एवं काली मिर्च को हनुमान यंत्र के ऊपर से 7 बार फेर कर घर के प्राणियों के पास रखने से ऊपरी बाधाएं नष्ट होती हैं।

ग्यारहमुखी रुद्राक्ष साक्षात रुद्र है। यह 11 रुद्रों एवं भगवान शंकर के ग्यारहवें अवतार संकटमोचन महावीर बजरंगबली का प्रतीक है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति को सांसारिक ऐश्वर्य और संतान सुख प्राप्त होता है और उसकी सारी ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं।

भूत-प्रेत निवारक ज्योतिषीय सामग्री

तेरहमुखी रुद्राक्ष साक्षात इंद्र का स्वरूप है। यह कार्तिकेय के समान समस्त प्रकार के ऐश्वर्य देता है और कामनाओं की पूर्ति करता है। इसे धारण करने से व्यक्ति सभी प्रकार की धातुओं एवं रसायनों की सिद्धि का ज्ञाता हो जाता है। कुछ विद्वानों के अनुसार कामदेव को भी तेरहमुखी रुद्राक्ष का देवता माना गया है। इसका प्रभाव शुक्र ग्रह के समान होता है। यह निःसंतान को संतति प्रदान करने वाला, सुख, शांति, सफलता एवं आर्थिक समृद्धि प्रदायी रुद्राक्ष है।

पंद्रहमुखी रुद्राक्ष भगवान पशुपतिनाथ का स्वरूप माना गया है। यह धारक के आर्थिक एवं आध्यात्मिक स्तर को उठाकर उसे सुख, संपदा, मान- सम्मान-प्रतिष्ठा एवं शांति प्रदान करता है। पंद्रहमुखी रूद्राक्ष विशेष रूप से नजर दोष और भूत बाधा से मुक्ति प्राप्ति के लिए धारण किया जाता है।

प्रेत निवारक ज्योतिषीय सामग्री

बीसमुखी रुद्राक्ष को जनार्दन स्वरूप कहा गया है। इसे धारण करने से भूत, पिशाच आदि का भय नहीं रहता। साथ ही क्रूर ग्रहों का अशुभ प्रभाव भी नहीं पड़ता है। वह श्रद्धा एवं तंत्र विद्या के जरिए विशेष सफलता प्राप्त करता है। उसे सर्पादि विषधारी प्राणियों का भी भय नहीं होता है।

काला जादू हटाने के उपाय-भूत-प्रेत निवारक ज्योतिषीय सामग्री

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पत्नी को मायके से वापिस लाने के उपाय

शादी के बाद दाम्पत्य जीवन में प्यार और सुख शांति बनाए रखने के लिए पति और पत्नी को मिलकर कोशिश करनी होती है। परिवार एक ऐसी गाड़ी की तरह है जिसमें पति-पत्नी के रूप में पहिए होते हैं जिसे दोनों को मिलकर खींचना होता है। इन दोनों पहियों में से अगर एक भी खराब होता है तो गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है।
परिवार को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए पत्नियों की तरह पतियों की भी बहुत खास भूमिका होती है। अगर दोनों मिलकर कोशिश करते हैं तभी परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और जहां सुख-शांति है वहीं धन और खुशहाली का निवास होता है। पति या पत्नी में से कोई भी परिवार में अपनी भूमिका से पीछे नहीं हट सकता है क्योंकि दोनों का कार्य क्षेत्र अलग-अलग है। पत्नी का क्षेत्र परिवार के अंदर आता है तो पति का परिवार के बाहर लेकिन सामूहिक रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में दिए गए सहयोग का फल मिलकर सामने आता है। पति को परिवार के अंदर भी अपनी कुछ जिम्मेदारियों को निभाना पड़ता है। इसलिए पति और पत्नी दोनों को ही मिलकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए काम करते रहना चाहिए।

परिवार में संतुलन-

शादी के बाद पत्नी का जो सवसे बड़ा सहारा होता है वह उसका पति ही होता है क्योंकि उसकी पत्नी बनने के बाद वह अपना सबकुछ छोड़कर उसके पास आती है। इसलिए पति की जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी पत्नी की अच्छी तरह से देखभाल करे। अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद सास और बहू के छोटे-मोटे झगड़े तो होते ही रहते हैं। ऐसे में पति के रात को घर में आने पर उसकी मां झगड़े की बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है और चाहे गलती खुद की ही क्यों न हो फिर भी सारा इल्जाम अपनी बहू पर लगा देती है। पति भी अपनी मां की बात सुनकर सारा गुस्सा अपनी पत्नी पर निकाल देता है और कई बार तो उसे पीटने पर भी आ जाता है। ऐसा होने पर पत्नी सिर्फ आंसू ही बहा सकती है और कुछ नहीं कर सकती।

पति को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि उसकी पत्नी उसकी वजह से ही इस घर में आई है। पत्नी पर अगर किसी तरह की परेशानी आती है तो वह सबसे पहले अपने पति से ही कहती है क्योंकि वह ही उसके लिए सबसे बड़ा सहारा होता है इसलिए पति का फर्ज बनता है कि पत्नी के मान-सम्मान की पूरी तरह से रक्षा करे। शादी के बाद पत्नियां पति को परमेश्वर इसीलिए कहती है क्योंकि जिस प्रकार से परमेश्वर सबकी रक्षा करता है वैसे ही पति भी परमेश्वर की तरह उसकी ऱक्षा करें। उसे हर तरह के दुख और तकलीफ से बचाकर रखें।

पत्नी का मजाक उड़ाना-

बहुत से घरों में पत्नी को अक्सर चिढ़ाया जाता है, उसके ऊपर कई तरह के कमेंटस मारे जाते हैं जिनको सुनकर पत्नी को बुरा तो बहुत लगता है लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाती। ऐसे में वह सोचती है कि काश उसका पति इस समय उसके साथ खड़े होकर उसका मजाक उड़ाने वालों को जवाब दे। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि उसका पति भी अपने घर वालों के साथ मिलकर ही उसका मजाक उड़ाने लग जाता है। ऐसे में स्त्री के पास आंसुओं के सिवा दूसरा कोई सहारा नहीं रह जाता। बाद में इसको एक मजाक का नाम दे दिया जाता है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि क्या ऐसा मजाक होता है जो सामने वाले को रोने पर मजबूर कर दे, उसके दिल को दुखाए। मजाक एक हद तक ही सही होता है। चलो मजाक हो भी रहा है तो उस समय पति का फर्ज तो यही बनता है कि अपनी पत्नी का साथ दे क्योंकि जब सब लोग एक साथ मिलकर उसकी पत्नी का मजाक उड़ा रहे हैं तो कोई पत्नी के साथ भी तो होना चाहिए। पत्नी को ऐसा कभी भी एहसास नहीं होना चाहिए कि वह अकेली है बल्कि उसे तो ऐसा लगना चाहिए कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि सबसे मुकाबला करने के लिए मेरा पति तो मेरे साथ खड़ा है।

दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करना-

हमारे भारतवर्ष में आज भी दहेज नाम का सांप कुंडली मारकर बैठा है। दहेज के नाम पर आज भी कितनी स्त्रियां बलि चढ़ा दी जाती है। कई बार लड़की के मां-बाप शादी के बाद अपनी बेटी को काफी कुछ देकर विदा करते हैं और कुछ बाद में देने का वादा कर लेते हैं। बहुत से लोग जान-बूझकर अमीर घर की लड़की से शादी करते हैं। शादी करने से पहले वह कई तरह की डिमांड लड़की के घर वालों के सामने रख देते हैं। अगर लड़की के घर वाले उनकी डिमांड्स को पूरा भी कर देते हैं तो लड़के के घर वाले और भी चीज तथा पैसों की डिमांड करने लगते हैं। अगर लड़की शादी के बाद अपने घर से पैसा आदि नहीं लाती तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है। बहुत से पति भी दहेज के चक्कर में पत्नी के साथ बुरा बर्ताव करने लगते हैं जिसके कारण उसकी जिंदगी बहुत बदतर हो जाती है। कभी-कभी इसके परिणाम बहुत ही ज्यादा गंभीर भी निकलते हैं।

हर पति को एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि उनके द्वारा दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करना बहुत बड़ा पाप होता है इसलिए पत्नी को दहेज के लिए परेशान नहीं करना चाहिए। शादी के बाद लड़की के पिता की मर्जी होती है कि वह अपनी बेटी को क्या देना चाहता है और क्या नहीं देना चाहता है। लेकिन अगर लड़के द्वारा एक भी चीज की डिमांड रखी जाती है तो उससे गिरी हुई बात कोई और नहीं हो सकती। पत्नी को कम दहेज लाने पर या बिल्कुल न लाने पर किसी प्रकार के ताने नहीं देने चाहिए और इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि घर का कोई और सदस्य भी उसे किसी प्रकार से प्रताडि़त न कर पाए। ससुराल वालों को बहू को ही सबसे बड़ा दहेज मानना चाहिए क्योंकि एक मां-बाप के लिए उसकी बेटी से बढ़कर दूसरा और कोई धन नहीं होता है।

शादी के बाद लड़की का नौकरी करना-

आज के समय में बढ़ती हुई मंहगाई के कारण पति और पत्नी दोनों का ही बाहर नौकरी करना जरूरी हो गया है और गृहस्थी को चलाने के लिए भी यह जरूरी है। लेकिन बहुत से घरों में आज भी स्त्री के बाहर काम करने को गलत नजरों से देखा जाता है क्योंकि ऐसे घर के लोगों को लगता है कि अगर स्त्री घर से बाहर रहकर दूसरे पुरुषों के साथ काम करेगी तो उसके दूसरे पुरुषों के साथ संबंध बन सकते हैं। लेकिन ऐसी सोच बिल्कुल गलत है। आज भी बहुत से ऐसे परिवार हैं जहां पर पति और पत्नी दोनों ही बाहर काम करते हैं और उनके बीच में कोई समस्या भी नहीं होती है। कुछ लोग अपनी पत्नी के ऊपर अधिकार जमाने के लिए चाहते हैं कि वह घर पर ही रहे और घर और बच्चों को संभाले। सभी पतियों को चाहिए कि अपने मन से किसी भी तरह के शक आदि को निकालकर अपनी पत्नी को बाहर नौकरी करने देना चाहिए और उसके विकास में भी सहयोग देना चाहिए।

व्यक्तिगत समस्याओं का पत्नी पर गुस्सा उतारना-

आज के समय में बहुत से व्यक्ति इस समस्या से ग्रस्त हैं कि वह अपना किसी भी तरह का गुस्सा आदि अपनी पत्नी पर उतार देते हैं जिसको कि किसी भी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता है। हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रस्त रहता है। अगर व्यक्ति आफिस आदि में काम करता है तो वहां पर बॉस की डांट खानी पड़ती है तो उसे गुस्सा आने लगता है, अगर व्यक्ति अपना काम करता है तो वहां पर फायदा या नुकसान उसके मन में आक्रोश भर देता है। यही गुस्सा जब तक बाहर नहीं निकल जाता तब तक अंदर ही अंदर सुलगता रहता है। इसको पति और पत्नी के बीच होने वाले झगड़ों की बहुत बड़ी वजह माना जाता है। पति को जब अपना गुस्सा निकालने का दूसरा कोई रास्ता दिखाई नहीं देता है तो वह इसे अपनी पत्नी पर निकाल देता है। वह पत्नी की छोटी-छोटी बातों में गलतियां निकालने लगता है और कुछ मामलों में तो बात मारपीट पर भी आ जाती है।
यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पति अपने गुस्से को निकालने का कोई दूसरा रास्ता क्यों नहीं तलाश करता। पत्नी को बार-बार डांटना, उसके कामों में गलतियां निकालना कहां तक सही है। हर व्यक्ति को इस बात की कोशिश करनी चाहिए कि समस्या चाहे आफिस की हो या व्यापार की उसे घर के भीतर नहीं ले जाना चाहिए। बाहर की किसी भी तरह की समस्या का असर पत्नी पर नहीं पड़ना चाहिए नहीं तो इससे घर की सुख और शांति में बाधा पड़ सकती है।

पत्नी से कुछ छिपाना-

बहुत सी पत्नियां अक्सर यह शिकायत करती रहती है कि पति उनसे ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे वह उनकी जिंदगी का हिस्सा ही नहीं है। कई पुरुष अपने घर के सदस्यों के प्रति कुछ ज्यादा ही लगाव रखते हैं। वह घर के किसी भी सदस्य को कुछ भी देते लेते हैं तो अपनी पत्नी को या तो बताते नहीं है या बताना जरूरी नहीं समझते। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि अगर मैं अपने घर वालों को कुछ देता हूं और यह बात मेरी पत्नी को पता चल जाती है तो उसे बहुत बुरा लगेगा। लेकिन जो पति ऐसा सोचते हैं या करते है वह बहुत ही गलत करते हैं क्योंकि घर की कोई भी बात हो वह कभी न कभी पत्नी के सामने आ ही जाती है।
अगर घर में किसी सदस्य को किसी भी चीज की जरूरत होती है और पति अपने घर वालों की उस जरूरत को पूरा कर देता है तो उसे अपनी पत्नी से कुछ भी छिपाना नहीं चाहिए। अगर पति का व्यवहार अपनी पत्नी के प्रति अच्छा है तो कोई भी पत्नी अपने पति की इस बात पर एतराज नहीं करती कि उसका पति अपने परिवार के लिए कुछ क्यों कर रहा है। इसलिए पति की समझदारी इसी में है कि वह हर तरह के लेने या देने में अपनी पत्नी से कुछ न छिपाएं क्योंकि अगर वह अपनी पत्नी को सब कुछ बताकर करता है तो इससे दोनों के ही बीच में प्यार और भरोसा बढ़ता है।

पत्नी को खुश रखना-

एक गृहस्थी संभालने वाली स्त्री पूरे दिन घर के कामों में इतनी थक जाती है कि शरीर के साथ उसका मन भी थकने लगता है। ऐसे में पति की एक प्यार भरी बोली स्त्री के तन और मन की थकान को तुरंत दूर कर देती है लेकिन यह पति पर निर्भर करता है कि वह अपनी पत्नी को किस प्रकार खुश रख सकता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि पत्नी को महंगे उपहारों आदि के द्वारा खुश किया जा सकता है लेकिन यह गलत है। पत्नी के लिए तो कई बार सिर्फ पति की एक मुस्कान ही काफी रहती है। इसके अलावा कुछ दूसरे तरीकों के द्वारा भी पत्नी को खुश किया जा सकता है-

• जिस दिन भी पत्नी के साथ संभोग क्रिया करनी हो तो उस दिन फूलों का एक गजरा (वेणी) लेकर आएं। फिर उसे रात के समय स्वयं अपनी पत्नी के बालों में लगाना चाहिए। इस तरह करने से पत्नी का मन आनंद से भर जाता है।

• महीने में या सप्ताह में 1-2 बार पत्नी को कहीं बाहर घुमाने ले जाना चाहिए या फिल्म आदि दिखाने जाना चाहिए। घूमते समय पत्नी के साथ बाहों में बाहें डालकर प्यार की बातें करनी चाहिए। रोजाना घर के कामकाज करते-करते पति के साथ बाहर घूमने से पत्नी की शारीरिक और मानसिक थकान दूर हो जाती है और मन में नए उत्साह का संचार होता है।

• घर पर पत्नी अगर खाने में कुछ नया बनाती है तो उसकी दिल खोलकर प्रशंसा करनी चाहिए। हर पत्नी चाहती है कि वह अगर अपने पति के लिए कुछ भी करती है तो पति उसकी बहुत तारीफ करें इसमें पत्नी के द्वारा बनाया गया खाना सबसे अहम होता है। बहुत से पति अपनी पत्नी के द्वारा किए गए किसी भी काम की तारीफ नहीं करते हैं जिससे पत्नी का उत्साह किसी भी काम को करने में नहीं लगता है इसलिए पत्नी की तारीफ करने में किसी तरह की कंजूसी नहीं करनी चाहिए।

• पत्नी जब भी यह शिकायत करती है कि मेरी तबीयत कुछ खराब है या कुछ अच्छा नहीं लग रहा है तो उसको घर के सारे कामों से छुट्टी दे देनी चाहिए। अगर पति और पत्नी घर में अकेले ही रहते हैं तो पति को ही घर की पूरी जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। पत्नी भी जब देखती है कि उसके पति ने पूरा घर संभाल रखा है तो वह भी बहुत खुश हो जाती है और जल्दी ही ठीक हो जाती है।

• पत्नी की अगर कोई सहेली घर पर आती है तो उसके साथ सही तरह से व्यवहार करना चाहिए। बहुत से पुरुषों की आदत होती है कि वह अपनी पत्नी की सहेलियों के संग कुछ ज्यादा ही घुलमिल जाते हैं और उनसे कुछ ज्यादा ही मजाक आदि करने लगते हैं। इससे पत्नी को अपने पति पर शक होने लगता है और उसकी नजरों में पति की इज्जत कम होने लगती है। इसलिए जब भी पत्नी की कोई सहेली आदि घर पर आए तो अच्छा है कि वह अपनी पत्नी और सहेली को अकेला छोड़ दें।

• हर पति को अपनी पत्नी के लिए त्यौहार या शादी की सालगिरह पर कोई न कोई गिफ्ट आदि देते रहने चाहिए। उपहार चाहे छोटा हो या बड़ा ये उपहार देने वाले की इच्छा पर निर्भर करता है। पत्नी भी यह नहीं देखती कि मेरे पति ने मुझे छोटा उपहार दिया है या बड़ा। पति के द्वारा मिलने वाला उपहार उसे बहुत ज्यादा खुशी देता है।

• पति को कभी भी अपनी पत्नी की सालगिरह या जन्मदिन नहीं भूलना चाहिए। बहुत से पति इन खास तारीखों को भूल जाते हैं लेकिन पत्नी कभी ऐसी तारीखों को नहीं भूलती है। इसलिए हर पति को चाहिए कि इन खास तारीखों को कभी न भूलें। पति को शादी की सालगिरह या पत्नी के जन्मदिन पर उसके लिए कोई तोहफा देना चाहिए या पहले से ही कोई उपहार लेकर रखना चाहिए और रात के 12 बजते ही पत्नी को उपहार देकर चौंका देना चाहिए।

सेक्स संबंध-

पति और पत्नी के बीच के रिश्तों को सही तरह से निभाने के लिए बाकी सब चीजों के साथ एक चीज और भी बहुत जरूरी है जिसके जरा सा भी खराब होने से पति और पत्नी के बीच बहुत बड़ी दरार पड़ सकती है। यह हैं दोनों के बीच में बनने वाले सेक्स संबंध। इन्हीं सेक्स संबंधों के कारण ही पति और पत्नी के बीच व्यक्तिगत संबंधों का निर्धारण होता है। अगर यह संबंध सही है तो सब कुछ सही चलता है लेकिन इन संबंधों में अगर स्त्री असंतुष्ट रह जाती है तो इससे उनकी बसी-बसाई गृहस्थी में उथल-पुथल हो सकता है।
बहुत से मामलों में पुरुष की सेक्स क्षमता किसी न किसी कारण से प्रभावित हो सकती है और स्तंभन शक्ति कम होने लगती है। पुरुष की इस कमजोरी का असर उसकी पत्नी पर पड़ता है। पत्नी की रोजाना की आवश्यकताओं की पूर्ति दूसरे माध्यमों से हो सकती है लेकिन सेक्स संबंधों में उसे जो संतुष्टि चाहिए वह उसे उसके पति के अलावा कहीं और से प्राप्त हो नहीं सकता।

पति के अंदर अगर शीघ्रपतन (संभोग के समय जल्दी स्खलन होना) का रोग हो तो यह उन दोनों के बीच परेशानियों को बढ़ा देता है। जब पति की इस समस्या के कारण पत्नी हर बार सेक्स संबंधों से मिलने वाले चरम सुख से वंचित रह जाती है तो पत्नी के दिल में धीरे-धीरे अपने पति के लिए विरक्ति पैदा होने लगती है और पत्नी अपनी शारीरिक संतुष्टि के लिए दूसरे पुरुष के पास जाने को मजबूर हो जाती है। यही कारण होता है गृहस्थी बिगड़ने का। पुरुषों को इस बारे में बहुत ही गंभीरता से सोचना चाहिए। अगर उसके साथ सेक्स से संबंधित कोई परेशानी हो जाती है तो उसको उपचार करवाने में देरी नहीं करनी चाहिए। अगर इस मामलें में जरा सी भी लापरवाही की जाए तो बहुत खतरनाक हो सकती है।

शारीरिक आकर्षण-

शादी के बाद अपने शारीरिक आकर्षण को बनाए रखना सिर्फ स्त्रियों के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि पुरुषों के लिए भी उतना ही जरूरी है। अक्सर पति शादी के बाद इस बात की जरूरत महसूस नहीं करते कि उन्हें अब अपनी पत्नी को आकर्षित करने के लिए शरीर को अच्छा बनाकर रखने की जरूरत है। बहुत से लोगों का यह भी मानना होता है कि अगर शादी के कुछ साल बाद पति अपने पहनावे को लेकर या अपने शरीर को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंतित होने लगता है तो समझना चाहिए कि वह किसी और स्त्री के चक्कर में पड़ता जा रहा है। शादी के बाद जिस रफ्तार से स्त्रियां अपने शरीर के प्रति लापरवाह हो जाती हैं उससे ज्यादा पुरुष लापरवाह हो जाते हैं। बहुत से व्यक्ति तो पूरे-पूरे सप्ताह तक शेव करने से भी परहेज करने लगते हैं। छुट्टी वाले दिन तो पुरुष उठकर नहाने धोने में भी आलस्य करने लगता है। आस-पास अगर कहीं भी जाना पड़ता है तो जो कपड़े उसने पहने होते हैं उन्हीं में उठकर चल देता है। इससे पति के प्रति पत्नी का आकर्षण कम होने लगता है जिसका असर उनके बीच बनने वाले शारीरिक संबंधों पर भी पड़ता है। हर पति के लिए यह ध्यान देने वाली बात है कि जिस तरह से वे चाहते हैं कि उनकी पत्नी हर तरह से आकर्षक लगे उसी प्रकार स्त्रियां भी चाहती है कि उनके पति भी सबसे ज्यादा आकर्षक दिखाई दें।

घर में आने वाली आर्थिक समस्या-

शादी के बाद अक्सर छोटे-मोटे इतने खर्चे हो जाते हैं कि घर में आर्थिक समस्या पैदा हो जाती है। पति की तनख्वाह में घर का खर्च नहीं चल पाता है या किसी की शादी वगैरा आ जाती है जिसके लिए धन की जरूरत होने पर किसी से पैसे उधार लेने पड़ते हैं और कुछ समय बाद उसे वापस भी दे दिया जाता है। ऐसे ही पैसों की जरूरत पड़ने पर ससुराल आदि से भी पैसा उधार ले लिया जाता है लेकिन कई लोग ससुराल का पैसा वापिस नहीं करते जोकि गलत है। अगर ससुराल से पैसे लिये जाते हैं तो उन्हें भी जल्दी वापिस कर देने चाहिए नहीं तो इससे ससुराल में नाम खराब होता है।

ससुराल के प्रति सहयोगात्मक रहना-

हर परिवार में कोई न कोई शादी-ब्याह या दूसरे कोई से फंक्शन चलते ही रहते हैं। इसी तरह से पत्नी के घर में भी कोई न कोई फंक्शन आदि होते ही रहते हैं। ऐसे में पत्नी चाहती है कि उसका पति उसके साथ रहे क्योंकि उसे पता होता है कि पति के साथ रहने पर ही उसका सम्मान बढ़ता है। ऐसे में अगर उसका पति उसे पूरी तरह से सहयोग देता है तो उसके आनंद की कोई सीमा नहीं रहती। लेकिन बहुत से पति ऐसे होते हैं जो अपने ससुराल में किसी तरह का सहयोग नहीं करते हैं। ऐसे पति अक्सर पत्नी के मायके में होने वाले कार्यों में कोई न कोई विवाद पैदा कर देते हैं और ऐसे किसी कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर देते हैं। ससुराल वाले ऐसे दामादों को मनाते-मनाते थक जाते है लेकिन वह किसी की बात सुनते ही नहीं हैं।

पति के इस तरह के व्यवहार से पत्नी का काफी दिल दुखता है। मायके में भी उसे तरह-तरह की बातें सुननी पड़ती हैं कि तेरा पति कैसा है किसी की बात नहीं सुनता है। इसलिए हर पति का यह कर्त्तव्य होता है कि वह अपनी पत्नी के किसी भी हाल में अपमान न होने दें। ससुराल में पड़ने वाले हर काम में बढ़-चढकर हिस्सा लेना चाहिए। इससे ससुराल में पति का मान-सम्मान बढ़ने से पत्नी को भी बहुत खुशी मिलती है।

पतियों के लिए कुछ और जरूरी बातें-

• बहुत से पतियों की आदत होती है कि वह सोचते हैं कि हमारी शादी हो चुकी है तो मुझे अपनी पत्नी को अपने प्रेम का इजहार करने की कोई जरूरत ही नहीं है लेकिन यह बात गलत है। हर पति को चाहिए कि समय-समय पर अपनी पत्नी से किसी न किसी रूप में अपने प्रेम का इजहार करते रहना चाहिए क्योंकि पति चाहे अपनी पत्नी से कितना भी प्रेम करे लेकिन फिर भी उसे एक आस रहती है कि मेरा पति मुझे रोजाना कहे कि मै तुमसे बहुत प्यार करता हूं। अगर कोई पति अपनी पत्नी से सुबह काम पर जाते समय या शाम को आने के बाद प्यार के दो शब्द बोलता है तो पत्नी के लिए वह दो शब्द सबसे अनमोल होते हैं।

• पति को कभी-कभी अपनी पत्नी के किसी न किसी गुण की प्रशंसा करते रहना चाहिए जिसमें सबसे ऊपर पत्नी की खूबसूरती आती है। अगर पति बहुत ही रोमांटिक मूड में अपनी पत्नी के रूप-रंग की तारीफ करता है तो इससे पत्नी की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है।

• अक्सर स्त्रियों में प्यार या काम उत्तेजना की लहर उठने पर वह मुंह से कुछ नहीं कहती लेकिन अपने हाव-भाव से अपने अंदर उठने वाली तरंगों का प्रदर्शन करती है। इसलिए हर पति को चाहिए कि पत्नी के इन हाव-भाव के जरिए उसके दिल की बात जानने की कोशिश करें।

• अपने बच्चों के सामने अपनी पत्नी की कोई बुराई नहीं करनी चाहिए या उसके बारे में कोई ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जिससे कि बच्चों की नजर में अपनी मां की छवि खराब हो।

• घर के किसी भी छोटे-बड़े फैसलों में एक बार अपनी पत्नी की राय जरूर लेनी चाहिए। कभी-कभी पत्नी की एक छोटी सी राय भी पति की बड़ी से बड़ी परेशानी को पल भर में दूर कर देती है।

• अगर पत्नी किसी बात पर गुस्से में हो तो उसे तुरंत ही अपने सीने से लगा लेना चाहिए। पति की यह छोटी सी हरकत पत्नी का गुस्सा पलभर में ही गायब कर देती है।

• बहुत सी स्त्रियां होती हैं जोकि अपने पति को तो अच्छे से अच्छा भोजन कराती हैं लेकिन खुद कुछ भी खाने में ही अपना कर्त्तव्य समझती है। पति भी सोचता है कि पत्नी जो खा रही है चलो सही है। लेकिन पति को इस बात का ख्याल रखना चाहिए और उसे अच्छे से अच्छा खाना खिलाना चाहिए क्योंकि स्त्री के भोजन पर ही उसके होने वाले बच्चे का स्वास्थ्य निर्भर करता है।

• अगर आपकी पत्नी ज्यादा खूबसूरत नहीं है तो इसमें उसे दोष देने की या बात-बात में उसे ताने मारने की कोई जरूरत नहीं है। पत्नी की सुंदरता उसके रूप-रंग को न देखकर उसके गुणों और समझदारी पर निर्भर करती है। अगर आपकी पत्नी में सबका दिल जीतने की कला है तो वह दुनिया की सबसे खूबसूरत स्त्री है।

• अगर पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह की अनबन होती है तो उसके बारे में किसी बाहर के व्यक्ति को पता नहीं चलना चाहिए। यहां तक कि पत्नी के घर वालों को भी इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए क्योंकि बहुत से मामलों बात सुलझने की बजाय और बिगड़ जाती है। पति-पत्नी के बीच की किसी भी तरह की समस्या को वह दोनों आपस में ही मिलकर आसानी से सुलझा सकते हैं।

चार बातों पर सदा अमल करने से पति और पत्नी के बीच किसी भी तरह की समस्या होने की आशंका नहीं रहती है-
दोनों के बीच में सच्चा प्यार होना चाहिए
• दोनों को एक-दूसरे पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।
• पति-पत्नी को एक-दूसरे के स्वभाव का अच्छी तरह से पता होना चाहिए कि उन्हें क्या पसंद है और क्या पसंद नहीं है।
• दोनों को एक-दूसरे की छोटी-मोटी गलतियों को नजरअंदाज करते रहना चाहिए और अगर गलती हो भी जाए तो उसे क्षमा कर देना चाहिए।

पत्नी को मायके से वापिस लाने के उपाय

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PATNI YA PREMIKA KO VASH ME KARNE KE LIYE VASHIKARAN MANTRA

YADI KISI KI PATNI YA PREMIKA AKARAN RUTH GAYI HO .. YA AAPAS ME HAMESHA KALAH RAHTA HO TO YAH PRAYOG KARNA CHAHIYE. YADI KISI KANYA SE BATCHIT TO HOTI HAI .. LEKIN SABKUCHH KHULA KHULA SA NAHI HO .. FIR BHI DIL ME YAH TAMANNA HO KI US KANYA SE VIVAH HO JAYE .. TO BHI YAH PRAYOG KIYA JA SAKTA HAI. ISKA PRAYOG KISI BHI MAAH KE KRISHNA PAKSHA KE PAHALI TITHI SE SHURU KIYA JATA HAI. ISKE LIYE KISI EKANT KAMRE ME AASAN BICHHAKAR BAITH JAYE. SADHAK KA CHEHRA UTTAR YA PURVA DISHA KI OR HONI CHAHIYE. APNE SAMNE MATRA EK DIPAK AUR EK AGARBATTI JALA PARYAPT RAHTA HAI. FIR NIMNA MANTRA KO 108 BAR PADHNA CHAHIYE.

VASH ME KARNE KE LIYE VASHIKARAN MANTRA

MANTRA :  “KALI CHIDIYA CHIG CHIG BOLE
KALI BANKAR JAYE
‘AMUK’ KO VASH ME KAR KARAYE
NA KARAYE TO YATI HANUMANT
KI AAN“.

AISA SAPTMI TITHI TAK DUHARAYA JATA HAI. MANTRA ME LIKHE ‘AMUK’ KE JAGAH PAR APNI PATNI YA PREMIKA KA NAAM LENA CHAHIYE.
AGALE DIN YANI ASHTMI KO .. SHAKALYA + GUD + GUGGUL + GHRIT AAPAS ME MILAKAR ISI SE 108 BAAR AAHUTI AGNI ME DE DI JATI HAI. BAS YAH MANTRA KAAM KARNA SHURU KAR DETI HAI. ISKE BAAD JAB KABHI MAUKA MILE KISI BHI KHADY-PADARTH PAR MANTRA SAAT BAR PADH KAR PREMIKA YA PATNI KO KHILA DENI CHAHIYE.. BAS SAMASYA SAMADHAN KE RASTE SAMNE AA JATE HAI.

PATNI YA PREMIKA KO VASH ME KARNE KE LIYE VASHIKARAN MANTRA

YADI IS KRIYA SE SAMASYA SAMADHAN KE RASTE TURANT NA KHULE TO KOI AASHCHARY KI BAAT NAHI .. KYONKI VIPRIT GRAH KE KUPRABHAV KE KARAN SAMUCHIT FAL NAHI MIL PATA HAI. AISE ME GARH SHODHAN KE UPAY BHI KAR LENI CHAHIYE.

JANMAANG ME YADI PREM VIVAH KA YOG  NA HO TO YAH TANTRA NISHFAL HO JAYEGA. YADI JANMANG ME “TALAAK KA YOG” HO TO BHI YAH PRAYOG NISHFAL HO JAYEGA. AISE ME KUNDLI PARIKSHAN KARVA LENI CHAHIYE AUR UPAY KE ANY SANSADHAN KE BHI PRAYOG KAR LENI CHAHIYE. ISI TARAH KI EK AUR SIDDHI HOTI HAI …. ATAR MOHINI SIDDHI. IS SIDDHI KE LIYE 40 DINO TAK SADHNA KARNI HOTI HAI. VAISE SIDDHA ATAR KO KOI BHI APNE UPAR / VASTRA PAR LAGA KAR APNE SADHY SE MILKAR ANUKUL PRABHAV DAL SAKTA HAI. MAINE SIDDHA KI HUI ATAR MOHINI KO .. BAHUTON KO DIYA …. SABHI KE CHEHRE PAR MAINE KHUSHI YUKTA RAHSYMAYI MUSKAN DEKHE. YAH DEKH KAR TO MAI YAHI ANDAJ LAGA SAKTA HUN KI, UNKO MANO-VANCHHIT SAFALTA HASIL HO GAYI.
VISHESH JANKARI YA KUNDLI PARIKSHAN YA ANYA UPAY KI JANKARI KI SABHAAR

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प्रेमी-प्रेमिका वशीकरण मंत्र (Premi Premika Vashikaran Mantra)

‘कामाख्‍या देश कामाख्‍या देवी,
जहां बसे इस्‍माइल जोगी,
इस्‍माइल जोगी ने लगाई फुलवारी,
फूल तोडे लोना चमारी,
जो इस फूल को सूँघे बास,
तिस का मन रहे हमारे पास,
महल छोडे, घर छोडे, आँगन छोडे,
लोक कुटुम्‍ब की लाज छोडे,
दुआई लोना चमारी की,
धनवन्‍तरि की दुहाई फिरै।’
”किसी भी शनिवार से शुरू करके 31 दिनों तक नित्‍य 1144 बार मंत्र का जाप करें तथा लोबान, दीप और शराब रखें, फिर किसी फूल को 50 बार अभिमंत्रित करके स्‍त्री को दे दें। वह उस फूल को सूँघते ही वश में हो जाएगी।”

प्रेमी-प्रेमिका वशीकरण मंत्र (Premi Premika Vashikaran Mantra)

निम्न उपाय को करके आप अपनी प्रेमिका या प्रेमी को वश में कर सकते / सकती हैं ! यदि ज़्यादा प्रभावकारी रूप से और जीवन भर के लिए प्रेम समस्या से छुटकारा पाना है तो गुरु जी से संपर्क करें और समस्या का अचूक समाधान करवायें !

जब भी किसी को प्रेम करें तो याद रखें कि संयम और प्रतीक्षा सबसे उत्तम उपाय है

(1) लड़के को प्रेम में सफलता के लिए पन्ना (एमरल्ड) की अंगूठी धारण करना चाहिए इससे प्रेयसी के मन में प्रबल आकर्षण बना रहता है ।

(2) प्रेमी युगल को शनिवार और अमावस्या के दिन नहीं मिलना चाहिए। इन दिनों में मिलने से आपस में किसी भी बात पर विवाद हो सकता है …एक दूसरे की कोई भी बात बुरी लग सकती है तथा प्रेम संबंधो में सफलता मिलने में संदेह हो सकता है।

(3) प्रेमी युगल को यह प्रयास करना चाहिए कि शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन अवश्य मिलें। जिस शुक्रवार को पूर्णिमा हो वह दिन अत्यंत शुभ रहता है इस दिन मिलने से परस्पर प्रेम व आकर्षण बढ़ता है।

(4) सफ़ेद वस्त्र धारण करके किसी भी धार्मिक स्थान पर लाल गुलाब व चमेली का इत्र अर्पित करके अपने प्रेम की सफलता के लिए सच्चे मन से प्रार्थना करें निश्चय ही लाभ होगा।

वशीकरण मन्त्र – काम व आकर्षण बीज मंत्र का जाप करें।
मंत्र- ऊँ क्लीं नम:।

आकर्षण शक्ति बड़ाने के लिए इस मंत्र का जाप करें ।
ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा:

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